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त्वचा निखारने और सौंदर्य प्राप्ति के लिए उबटन का खासा महत्व है प्राचीन काल से लेकर आज तक उबटनों से सौंदर्य निखारने की परंपरा चली आ रही है।

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उबटन कब और कैसे लगाना चाहिए

# जिनकी त्वचा खुश्क हो उन्हें पहले तेल की मालिश कर लेनी चाहिए बाद में उबटन लगाएं। जिनकी त्वचा रूखी ना हो वह तेल मालिश कर भी सकते हैं और नहीं भी, यदि चाहे तो उबटन से पहले भाप स्नान भी किया जा सकता है।


# यदि मौसम सर्दी का हो तब उबटन में चिकनाई पर्याप्त मात्रा में डाली जानी चाहिए लेकिन गर्मियों में चिकनाई कम ही डालें।


# उबटन न तो ज्यादा गाढ़ा होना चाहिए और ना ही बहुत पतला। वह इतना गाढा हो कि त्वचा पर लगाने के थोड़ी देर बाद सरलता से छुड़ाया जा सके। उबटन में मनपसंद इत्र की बूंदे भी डाली जा सकती हैं।


# त्वचा पर लेपन के बाद उबटन थोड़ी देर बाद धीरे-धीरे मलते हुए छुड़ाना चाहिए।


# उबटन हटाने के बाद हल्के गुनगुने पानी से स्नान करना श्रेष्ठ रहता है।


उबटन तैयार करने की विधि


एक अच्छे उबटन के घटक द्रव्य में निम्न विशेषताएं होनी जरूरी है-


# त्वचा में मैल आदि की पकड़ बनाने के लिए खुरदुरा द्रव्य सबसे पहली जरूरत होती है इसलिए उबटनों का मुख्य घटक द्रव्य ऐसी ही कोई भी चीज ली जाती है जैसे- जौ का आटा, बेसन आदि-आदि।


# त्वचा को चिकनाई प्रदान करने वाला द्रव्य भी जरूरी होता है इसके लिए क्रीम, सूखे दूध का पाउडर या तरह-तरह के तेल प्रयुक्त होते हैं।


# त्वचा को नमी देने देने वाले पदार्थ भी अच्छे उबटन की आवश्यकता होती है इस हेतु शहद, गिलसिरीन पपीते आदि का गूदा प्रयोग होता है।


# त्वचा का रंग निखारना उबटन का एक प्रमुख उद्देश्य होता है इसके लिए हल्दी, संतरे के छिलके का आटा, नींबू का रस या फिर दही आदि का प्रयोग एक अच्छे उबटन के लिए जरूरी होता है।


हर तरह की त्वचा में लाभकारी उबटन


पके पपीते का गूदा आधा कप लेकर उसे चार चम्मच जौ के आटे में डालें तथा एक चम्मच शहद भी डालें और मिलाएं उबटन तैयार है।


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फेसपैक और उबटन में अन्तर


कई महिलाएं उबटन और फेसपैक को एक ही चीज समझती हैं लेकिन वास्तव में दोनों में अंतर होता है जैसे –


# उबटन केवल स्नान से पहले लगाया जाता है लेकिन फेसपैक कभी भी लगाया जा सकता है।


#  उबटन हर तरह की त्वचा के लिए प्रयुक्त होता है जबकि फेसपैक हर तरह की त्वचा के लिए अलग- अलग तरह का बनाया जाता है।


# उबटन को सूखने से पहले गीली अवस्था में ही छुड़ाना पड़ता है लेकिन फेस पैक पूरी तरह सूखने के बाद (लगभग 20 मिनट बाद) ही छुड़ाया जाना चाहिए।


उबटन के लाभ


1-  त्वचा से मृत सेल्स हटाने और त्वचा का रूखापन मिटाने में उबटन का कार्य बहुत गुणकारी रहता है, इससे रक्त संचार बढ़ता है त्वचा के अंदर नई कोशिकाएं और ज्यादा तेजी से बनने लगती हैं।


2- त्वचा का ढीलापन दूर होकर कसाव आता है मांसपेशियां भी चुस्त-दुरुस्त होती हैं।


3- त्वचा में धूल आदि से जमा हुआ मैल छूट जाता है जो साबुन से सहज नहीं छूटता जैसे कोहनी, घुटने पर मैल जमने से आ गया कालापन दूर हो जाता है ।


4- त्वचा पर उत्पन्न होने वाले बारीक रोयें उबटन से दूर हो जाते हैं तथा त्वचा कोमल, चिकनी और चमकीली हो जाती है।